मेरा नाम कोमल है। मैं एक साधारण परिवार से हूँ, लेकिन मेरी ज़िंदगी में कई ऐसे मोड़ आए जिन्होंने मुझे एक नई दिशा दी। मेरी शादी विक्रम से हुई थी, जो एक मोबाइल शॉप चलाते थे। उनके साथ उनका छोटा भाई, मेरा देवर, राहुल भी रहता था। राहुल 22 साल का था और उसकी ज़िंदगी का एकमात्र मकसद लगता था कि वह पूरा दिन अपने कमरे में बैठकर कंप्यूटर पर कुछ करता रहे। मेरे पति उसकी इस आदत से परेशान थे, लेकिन उन्होंने कभी उस पर दबाव नहीं डाला। उनका कहना था कि राहुल अभी छोटा है और उसे समय देना चाहिए।
शादी के बाद मैंने घर के सारे काम संभाल लिए। मुझे तीन लोगों के लिए खाना बनाना, घर की सफाई करना और अन्य छोटे-मोटे काम करने में कोई दिक्कत नहीं थी। लेकिन धीरे-धीरे मैंने महसूस किया कि मेरे पति मुझ पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। वह अपनी दुकान और काम में इतने व्यस्त रहते कि मेरी तरफ देखने का भी समय नहीं मिलता। इसके विपरीत, मेरा देवर राहुल मेरी तारीफ करता, मेरे नए कपड़ों और ज्वेलरी पर कमेंट करता। शुरुआत में मुझे यह अच्छा लगता था, लेकिन धीरे-धीरे मुझे उसका व्यवहार थोड़ा अजीब लगने लगा।
एक दिन मैंने अपने पति से कुछ पैसे मांगे क्योंकि मेरे पास अपनी जरूरतों के लिए कुछ भी नहीं बचा था। लेकिन मेरे पति ने मना कर दिया और कहा कि उनकी दुकान का हाल ठीक नहीं है और वह खुद परेशान हैं। मैंने उनसे कहा कि मैं अपने घर भी नहीं जा पा रही क्योंकि खाली हाथ जाना अच्छा नहीं लगता। लेकिन मेरे पति ने मेरी बात नहीं सुनी। उस दिन मैं बहुत निराश हुई और मेरे आंसू निकल आए। उसी समय राहुल ने मुझे देख लिया। उसने कुछ नहीं कहा, लेकिन अगले दिन उसने मुझे कुछ पैसे दिए और कहा, "भाभी, यह आपके लिए है।"
मैं हैरान रह गई। मैंने पूछा, "तुम्हारे पास इतने पैसे कहां से आए?" लेकिन राहुल ने कहा, "भाभी, आप बस इसे रख लें। मेरा सिक्का ऊपर खड़ा है।" यह बात सुनकर मैं और भी चौंक गई। मैंने सोचा कि यह किस सिक्के की बात कर रहा है? लेकिन मुझे पैसों की जरूरत थी, इसलिए मैंने उसे रख लिया। मैंने बाजार जाकर अपनी जरूरत की चीजें खरीदीं और कुछ नए कपड़े और ज्वेलरी भी ले आई। जब मैंने यह चीजें पहनीं तो राहुल ने फिर मेरी तारीफ की। मुझे अच्छा लगा, लेकिन मैं चाहती थी कि मेरे पति मेरी तारीफ करें।
कुछ दिनों बाद राहुल ने फिर मुझे पैसे दिए। इस बार मैंने उससे पूछा, "तुम इतने पैसे कहां से लाते हो? क्या तुम कोई गलत काम तो नहीं कर रहे?" राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, "भाभी, आप चिंता न करें। मैं कुछ गलत नहीं कर रहा। मेरा सिक्का ऊपर खड़ा है।" यह बात सुनकर मैं और भी उत्सुक हो गई। मैंने सोचा कि मुझे पता लगाना चाहिए कि यह क्या कर रहा है।
एक दिन मैंने राहुल के कमरे में जाने का फैसला किया। मैंने एक गिलास जूस लिया और उसके कमरे में चली गई। जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि राहुल अपने कंप्यूटर पर बहुत गंभीरता से कुछ कर रहा था। मैंने उसकी स्क्रीन पर नज़र डाली और देखा कि वह क्रिप्टो करेंसी और स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग कर रहा था। मैं हैरान रह गई। मैंने उससे पूछा, "यह सब क्या है?"
राहुल ने मुझे समझाया कि वह पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन ट्रेडिंग कर रहा है और उसे अच्छा मुनाफा हो रहा है। उसने कहा, "भाभी, मैंने यह सब अपने दम पर सीखा है। मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को भी पता चले कि मैं कुछ कर सकता हूं। लेकिन अभी मैं उन्हें नहीं बताना चाहता।" मैंने उससे कहा, "राहुल, तुम्हें अपने भाई को बताना चाहिए। वह तुम्हारी सफलता से खुश होंगे।"
राहुल ने मुझसे वादा किया कि वह जल्द ही अपने भाई को सब कुछ बताएगा। उसने मुझसे कहा, "भाभी, आप मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं। मैं चाहता हूं कि आप मेरे साथ रहें।" मैंने उसकी बात मान ली और उसे समय दिया।
कुछ हफ्तों बाद राहुल ने अपने भाई को सब कुछ बताया। विक्रम पहले तो हैरान हुए, लेकिन फिर उन्होंने राहुल को गले लगा लिया और कहा, "मुझे तुम पर गर्व है।" उस दिन से हमारे घर का माहौल बदल गया। राहुल ने अपने भाई की दुकान में भी मदद करनी शुरू कर दी और हमारे घर की आर्थिक स्थिति बेहतर हो गई।
मैंने भी अपने आप को बदलने का फैसला किया। मैंने ऑनलाइन क्लासेस लेना शुरू किया और अपने लिए एक छोटा सा बिजनेस शुरू किया। मेरे पति ने मेरा साथ दिया और हम सब मिलकर एक नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रहे थे।
यह कहानी सिर्फ मेरी नहीं है, यह उन सभी लोगों की है जो अपनी ज़िंदगी में बदलाव लाना चाहते हैं। अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो कमेंट करके जरूर बताएं। और ऐसी ही और कहानियां सुनने के लिए मेरे चैनल "काजल की कहानियां" को सब्सक्राइब करें। फिर मिलेंगे एक नई कहानी के साथ, तब तक के लिए बाय!


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